मेवाड़ के साहसी महाराणा प्रताप के भाले, ब्लेड और रक्षात्मक परत का भारीपन 208 किलो था, जिसे लेकर वे चेतक पर युद्ध क्षेत्र में हवा की गति से टहलते थे। दरअसल, एक भारी महाराणा प्रताप के साथ 208 किलो का अतिरिक्त भार लेकर भी चेतक ऐसी उपलब्धियां कर लेता था जो दूसरे टट्टू नहीं कर पाते थे। 81 किलो का भाला लेकर एक हाथ से जैसे करते थे वैसा ही करते थे।
8 जून 1576 को राजा मानसिंह ने अकबर के लिए 5000 सेनानियों के साथ हल्दीघाटी के मैदान में प्रताप का परीक्षण किया।
हल्दीघाटी में पहले अकबर के 3 हजार योद्धा थे।
इस संघर्ष में महाराणा प्रताप की निडरता और उनकी वीरता ने उन्हें असाधारण बना दिया।
महाराणा प्रताप का लांस 81 किलो और कवरिंग 72 किलो का था।
ब्लेड सहित हथियार और रक्षात्मक परत का भारीपन 208 किलो था।
इतने अधिक वजन के साथ चेतक ने 26 फीट की नहर को पार कर लिया था और मुगल सेना इस चमत्कार को देखती रही।
महाराणा प्रताप शायद भारत के सर्वश्रेष्ठ चैंपियन थे। उनकी लंबाई 7 फीट 5 इंच थी, वे 80 किलो के लांस, 208 किलो के दो ब्लेड और 72 किलो की सुरक्षात्मक परत के साथ युद्ध करते थे।
और इसी के साथ पढ़िए हल्दीघाटी का युद्ध : जिसमे इन सभी शास्त्रों का उपयोग किया महाराणा प्रताप ने।
और भी इसी तरह की जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट पर जाये :Bharat Ka Itihas
